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एक विश्वासी का राजनीति से क्या सम्बन्ध होना चाहिए ?

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मेरा राज्य इस संसार का नहीं; यदि मेरा राज्य इस संसार का होता, तो मेरे सेवक लड़ते  "युहन्ना १८:३६" मसीह का राज्य इस संसार का नहीं है, यह सत्य इस दुनिया की राजनीति से हमें दूर रखने के लिए पर्याप्त है | यदि में राजनीति में शामिल होता हूँ तो में इस दुनिया की समस्याओ को सुलझाने के लिए यहाँ के तंत्र की क्षमता पर अपना विश्वास दर्शा रहा हूँ | परन्तु यदि मैं सच कहू, तो मेरा ऐसा विश्वास नहीं  है क्योंकि मुझे पता है की " सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है " { १ युहन्ना ५:१९ } |  समाज की समस्याओ को सुलझाने में राजनीति पूर्णतया निष्फल रही है | राजनैतिक उपाय सडे घावो पर पट्टी लगाने से ज्यादा और कुछ नहीं हैं; वे संक्रमण की जड़ तक नहीं पहुँच पाते | हम जानते है की पाप हमारे अस्वस्थ समाज की मूल समस्या हैं | कोई भी ऐसी चीज जो पाप निवारण नही कर सकती, उसे उपचार के रूप में गंभीरता से नहीं लिया जा सकता हैं |  फिर यह प्राथमिकता का विषय बन जाता हैं कि क्या मुझे राजनैतिक गतिविधियों में समय व्यतीत करना चाहिए या वही समय सुसमाचार को फ़ैलाने में व्यतीत करना चाहिए ? प्रभु यीशु मसीह ने इस प्रश्न क...